30 अगस्त 2026
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एसएनएस पर देश के शहीदों और उनके परिवारों का अपमान करने वाले कंटेंट पर कानूनी रोक लगाने के लिए विधेयक प्रस्तुत
देश के शहीदों तथा उनके परिवारों का सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों पर अपमानजनक तरीके से मज़ाक उड़ाने अथवा उनका अपमान करने वाले कंटेंट के निर्माण तथा प्रसार पर रोक लगाने हेतु एक विधेयक प्रस्तुत किया गया है।
देश के शहीदों तथा उनके परिवारों के प्रति दुर्भावनापूर्ण घृणा अथवा अपमानजनक व्यवहार पर प्रतिबंध लगाने वाले राष्ट्रीय शहीद अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव लोकतांत्रिक दल के सांसद जो ग्योंग-वन द्वारा पेश किया गया है।
हाल ही में ऑनलाइन समुदायों तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर देश के शहीदों के चेहरे अथवा आवाज़ को बिना अनुमति के परिवर्तित कर उनके योगदान तथा बलिदान का अपमान करने वाले कंटेंट तेज़ी से फैल रहे हैं, जिसके कारण संस्थागत प्रतिक्रिया की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
जनरेटिव एआई तथा डीपफेक तकनीकों के तीव्र विकास के कारण वास्तविक व्यक्तियों के चेहरे तथा आवाज़ को अत्यंत सटीकता से परिवर्तित किया जा सकता है, जिसका दुरुपयोग दुर्भावनापूर्ण कंटेंट बनाने में किया जा रहा है। इससे न केवल पीड़ित व्यक्तियों को बल्कि उनके परिवारजनों को भी हानि पहुँचने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति नो मू-ह्योन की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अपमान तथा किसी कंपनी द्वारा 18 मई की घटना का अपमान करने संबंधी विवादों के बाद ऑनलाइन अपमानजनक कंटेंट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। राजनीतिक क्षेत्र में भी संबंधित कृत्यों पर रोक लगाने हेतु विधायी उपायों पर चर्चा चल रही है।
वर्तमान कानून में देश के शहीदों अथवा उनके परिवारों के प्रति अपमान अथवा मज़ाक उड़ाने वाले कंटेंट को सीधे तौर पर प्रतिबंधित अथवा दंडित करने का कोई प्रावधान नहीं है।
संशोधन विधेयक में यह प्रस्ताव किया गया है कि कोई भी व्यक्ति सूचना तथा संचार नेटवर्क अथवा सार्वजनिक वक्तव्य के माध्यम से देश के शहीदों, उनके परिवारों अथवा संबंधियों का अपमान अथवा मज़ाक उड़ाने वाले वीडियो, ऑडियो अथवा छवि जैसे कंटेंट का निर्माण, प्रसार अथवा वितरण नहीं कर सकेगा।
विधेयक में उल्लंघनकारी कंटेंट के लिए सुधारात्मक उपाय भी शामिल किए गए हैं। राष्ट्रीय स्मारक एवं सम्मान विभाग के प्रमुख को उल्लंघनकर्ताओं को ऐसे कृत्यों को तुरंत बंद करने अथवा सुधार करने का आदेश देने अथवा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध करने का अधिकार दिया गया है।
सुधारात्मक उपायों के अतिरिक्त उल्लंघनकारी कृत्यों के लिए दंडात्मक प्रावधान भी प्रस्तावित किए गए हैं, जिससे कानूनी प्रतिबंधों को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
सांसद जो ग्योंग-वन ने कहा, "देश के लिए समर्पित शहीदों के पवित्र बलिदान को ऑनलाइन पर विकृत अथवा अपमानित करना केवल शहीदों के प्रति अपमान नहीं, बल्कि राष्ट्र के सामूहिक आधार को हिलाने वाला कृत्य है।"
उन्होंने आगे कहा, "यह संशोधन विधेयक एआई तकनीक के विकास के साथ फैल रहे दुर्भावनापूर्ण घृणा तथा अपमान से देश के शहीदों तथा उनके परिवारों की गरिमा तथा सम्मान की रक्षा हेतु न्यूनतम कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा। मुझे आशा है कि इस विधेयक को संसद द्वारा शीघ्र पारित कर कानूनी अंतराल को दूर किया जाएगा तथा देश के लिए किए गए बलिदानों का उचित सम्मान किया जाने वाला समाज निर्मित होगा।"
ज़ेडडीनेट कोरिया ने इस समाचार की सूचना दी।
ZDNet Korea की रिपोर्ट।